यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास लाल रंग के ट्रॉली बैग में खून से लथपथ मिला शव दिल्ली के गांव मोड़बंद की आयुषी यादव (21) पुत्री नीतेश यादव का था। 48 घंटे में पुलिस ने मृतका के परिवार को खोज निकाला। रविवार की देरशाम मां ब्रजबाला और भाई आयुष ने पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचकर शव की पहचान की। पहचान के वक्त दोनों जोर-जोर से एक-दूसरे के गले लगकर रोने लगे। पुलिस प्रथम दृष्टया आन की खातिर हत्या का मामला मानकर चल रही है। पहचान के बाद अब पुलिस कड़ियां जोड़ने में लग गई है।

यहां मिली थी लाश

यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 108 पर ट्रॉली बैग में शुक्रवार (18 नवंबर) को युवती का शव मिला था। उसकी बाईं छाती में गोली का निशान था। सिर, हाथ और पैरों में चोट के निशान भी बेरहमी की तरफ इशारा कर रहे थे। आठ टीमें मृतका की शिनाख्त के लिए लगाई थीं।

आखिरकार 48 घंटे में पुलिस को कामयाबी मिल गई, जब दिल्ली से आए फोन ने पुलिस को सुराग दे दिया। पुलिस को बताया गया कि मृतका दिल्ली के गांव मोड़बंद, थाना बदरपुर की आयुषी है। 

पुलिस की दो टीमों ने पहुंचकर परिजन ने पूछताछ की। फोटो का मिलान करते हुए स्वॉट टीम और राया पुलिस मां, भाई और पिता को लेकर पोस्टमार्टम गृह पर पहुंची। 

वहीं पिता नीतेश यादव को अपने साथ न लाकर थाना राया पर ही रखा गया। कार्यवाहक एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि मां और भाई ने मृतका की पहचान कर ली है। 

कार्यवाहक एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि पूरे मामले का खुलासा जल्द किया जाएगा। परिवार मूलत: गांव सुनारड़ी, बलूनी गोरखपुर कारहने वाला है। 

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