आजमगढ़ जिले के पश्चिमपट्टी गांव के गौरी का पुरा में टुकड़ों में मिली लाश के मामले का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मुख्य आरोपी को पुलिस ने रविवार को पकड़ लिया। हथियार बरामदगी के दौरान हमला करने पर पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया, उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में उसने बताया कि युवती द्वारा साथ रहने को तैयार नहीं होने पर ममेरे भाई के साथ मिलकर उसने अशरफपुर गांव स्थित गन्ने के खेत में युवती की गला दबा कर हत्या की थी। इसके बाद बांके से शव के कई टुकड़े कर कुएं और सिर को पोखरी में फेंक दिया।
बीते 15 नवंबर को अहरौला थाना के पश्चिमपट्टी गांव के गौरी का पुरा स्थित एक कुएं से युवती का कई टुकड़ों में कटा शव बरामद हुआ था। उसका सिर पुलिस बरामद नहीं कर सकी थी। पांच दिन बाद पुलिस ने रविवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की पहचान अहरौला थाना क्षेत्र के इसहाकपुर गांव निवासिनी आराधना पुत्री केदार प्रजापति के रूप में किया।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि परिजनों ने 18 नवंबर को शारीरिक बनावट के आधार पर उसकी पहचान की थी, लेकिन सिर न मिलने से पुख्ता तौर पर पहचान नहीं हो पा रही थी। हत्या के मुख्य आरोपी प्रिंस को पुलिस ने शनिवार की रात आठ बजे गहजी पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों ने की थी शिनाख्त
रविवार को उसे लेकर पुलिस घटनास्थल के पास हथियार की बरामदगी के लिए गई थी। जहां उसने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में उसने बताया कि युवती की कहीं और शादी हो जाने के बाद साथ रहने से इंकार करने पर उसने ममेरे भाई सर्वेश को साथ लेकर घटना को अंजाम दिया। हत्या में प्रयुक्त बांका, युवती का सिर, लकड़ी का ठीहा आदि बरामद कर लिया गया है। बरामद सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पुलिसकर्मियों को मिलेगा इनाम
एसपी अनुराग आर्य ने युवती हत्याकांड का खुलासा करने वाले टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम दिया। इसके साथ ही अहरौला थाना के आरक्षी चालक राजेश वर्मा को उच्चकोटि की सुरागरसी के लिए 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इस घटना के खुलासे के लिए पांच टीमें लगी थीं।
पहली टीम में एसपी सिटी व एसपी ग्रामीण के अलावा 10 उपनिरीक्षक शामिल थे। दूसरी टीम सीओ लालगंज के नेतृत्व में बनाई गई थी। तीसरी टीम में एसओ अहरौला, कोतवाल फूलपुर के अलावा स्वाट प्रथम टीम शामिल थी। चौथी टीम स्वाट द्वितीय व सर्विलांस थी। पांचवी टीम में सीओ बूढ़नपुर को शामिल किया गया था।
