कानपुर आईआईटी समाज कल्याण विभाग में धोखाधड़ी के सहारे होने वाले भुगतान को रोकने में मदद करेगा। आईआईटी के विशेषज्ञ समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं में होने वाले भुगतान के दस्तावेजों का अध्ययन करेंगे।
ये जानकारी रविवार को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने दी है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण मंत्रालय और आईआईटी कानपुर मिलकर, नई तकनीक का प्रयोग कर योजनाओं के दुरुपयोग व भ्रष्टाचार पर रोक लगाएंगे। साथ ही नागरिक सेवाओं को सुलभ और आसान बनाने के लिए काम करेंगे। लाभार्थियों के डाटा को सुरक्षित रखने और निजता (प्राइवेसी) के उच्चतम मानक को फालो किया जाएगा।
कानपुर आईआईटी इसके लिए बतौर सलाहकार का काम करेगा। इस प्रकार की व्यवस्था की जाएगी जिसमें सिस्टम स्वयं संभावित गड़बड़ियों को चिह्नित करेगा और जमीनी परीक्षण के लिए रहेगा। इस संबंध में शनिवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में आईआईटी कानपुर से डा. मणींद्र अग्रवाल और डा. निशीथ श्रीवास्तव के साथ समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, प्रमुख सचिव,समाज कल्याण डा. हरि ओम, सचिव समीर वर्मा व निदेशक समाज कल्याण राकेश कुमार शामिल हुए।
