उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने नकली नोट तैयार करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान किराए के एक कमरे से बड़ी मात्रा में नकली करेंसी बरामद हुई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बरामद नकली नोटों की कुल कीमत 2 लाख 4 हजार 650 रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई रेलबाजार थाना क्षेत्र में रामलीला मैदान के पास की गई। यहां किराए के कमरे में नकली नोट तैयार किए जाने की सूचना मिलने के बाद छापेमारी की गई। मौके से 500, 100 और 50 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में उन्नाव निवासी शेर सिंह, कानपुर निवासी रोशन अली और उरई निवासी सोमिल गुप्ता शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक शेर सिंह को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि नकली नोटों को कानपुर सेंट्रल और आसपास के जिलों के रेलवे स्टेशनों तथा बाजारों में खपाया जाता था।
पुलिस ने मौके से नकली नोटों के अलावा कई उपकरण और अन्य सामान भी बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और तीनों पहले भी अलग-अलग मामलों में जेल जा चुके हैं। अब पुलिस उनके पुराने मामलों और नकली करेंसी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब सहारनपुर में एक बैंक के करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच चल रही है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी भी पड़ताल कर रही है। कानपुर में फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों के इस नेटवर्क का कहीं किसी बड़े गिरोह से संबंध तो नहीं है।
