मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई तेज बारिश का असर इटावा के चकरनगर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। क्वारी नदी का जलस्तर बुधवार रात से तेजी से बढ़ा और गुरुवार को 127.04 मीटर तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान 125.95 मीटर से करीब 1.09 मीटर ऊपर है।
नदी का पानी बढ़ने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग जलमग्न हो गया। पुलिया पर कमर तक पानी भर जाने से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। इससे करीब 50 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। यात्रियों को दूसरे रास्तों से लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
जलस्तर बढ़ने के साथ चकरनगर क्षेत्र के कई अन्य गांवों के रास्तों तक भी पानी पहुंच गया। कोटरा, बिरोनाबाग, गुरभेली और तेलियन खोड़न गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
तहसील प्रशासन ने भी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। एसडीएम रोहित कुमार मौर्य ने प्रभावित मार्गों और सिंड़ौस क्वारी पुल का निरीक्षण किया। चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर पानी बढ़ने के कारण सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी-एमपी सीमा पर स्थित पांडरी बाबा मंदिर परिसर भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। इससे मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की नजर अब नदी के जलस्तर और आसपास के गांवों की स्थिति पर बनी हुई है।
