उत्तर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मिशन कर्मयोगी के तहत निर्धारित दो प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 11 सितंबर तक हर हाल में पूरे किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी होगी। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रशासनिक कामकाज में आधुनिक तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है।
निर्देश के अनुसार अधिकारियों को प्रशिक्षण की प्रगति पर लगातार नजर रखने और तय समयसीमा में पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशिक्षण में लापरवाही या देरी को गंभीरता से लेने के संकेत भी दिए गए हैं।
मिशन कर्मयोगी केंद्र सरकार की क्षमता निर्माण पहल है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार जरूरी ज्ञान, कौशल और व्यवहार से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में भी इसके माध्यम से कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्य सचिव के निर्देश के बाद विभागों में प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों से कहा गया है कि निर्धारित समयसीमा का पालन करते हुए दोनों पाठ्यक्रम पूरे कराए जाएं और प्रशिक्षण संबंधी प्रगति को गंभीरता से लिया जाए।
