रूस की एक महिला अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराने काशी पहुंची। उसने वाराणसी में नारायण बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध कराया। महिला का कहना है कि परिवार और पूर्वजों से जुड़ी आस्था के कारण उसने यह धार्मिक प्रक्रिया पूरी कराने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच महिला के परिवार पर भी मुश्किलों का असर पड़ा। इसी दौरान उसने अपने परिवार और पूर्वजों के लिए धार्मिक शांति की कामना की और काशी आने का निर्णय लिया।
वाराणसी पहुंचने के बाद महिला ने विधि-विधान से संबंधित अनुष्ठान कराया। काशी को हिंदू धर्म में धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां देश-विदेश से लोग अलग-अलग धार्मिक कर्मकांड और पूजा-पाठ के लिए पहुंचते हैं।
महिला के काशी पहुंचने और धार्मिक अनुष्ठान कराने की खबर ने लोगों का ध्यान खींचा है। अलग देश और अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उसका भारतीय धार्मिक परंपराओं में आस्था जताना चर्चा का विषय बना हुआ है।
काशी में विदेशी श्रद्धालुओं का धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना कोई नई बात नहीं है। गंगा घाटों और मंदिरों की आध्यात्मिक परंपरा दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती रही है। रूसी महिला का यह दौरा भी इसी धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव का उदाहरण माना जा रहा है।
