इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2019 से जुड़े मामले में अभ्यर्थियों को राहत दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन याचियों के अंक संशोधित किए गए हैं, उनके संशोधित अंकपत्र 15 दिनों के भीतर जारी किए जाएं। यह आदेश अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया।
मामला यूपी टीईटी 2019 के कुछ विवादित प्रश्नों और उनके उत्तरों से जुड़ा है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा के पांच प्रश्नों के उत्तरों पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि कुछ प्रश्नों में दिए गए विकल्पों में सही उत्तर मौजूद नहीं था, जबकि कुछ मामलों में गलत विकल्प को सही माना गया था।
इस मामले में कोर्ट ने पहले भी दो प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थियों की आपत्तियों को उचित माना था। विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर इन प्रश्नों पर एक-एक अतिरिक्त अंक देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, जरूरत पड़ने पर परिणाम को दोबारा तैयार करने की बात भी कही गई थी।
अब सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि संबंधित याचियों के अंकों में संशोधन किया जा चुका है और संशोधित अंकपत्र 15 दिनों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे। याचियों की ओर से इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई।
इसके बाद हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका का निस्तारण कर दिया। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके परीक्षा परिणाम विवादित प्रश्नों के कारण प्रभावित हुए थे।
