उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के काकोरी स्थित शीतला माता मंदिर में भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान बीजेपी विधायक जय देवी कौशल ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक जय देवी कौशल ने दावा किया कि उन्हें पासी समुदाय से होने के कारण पूजा में शामिल होने का उचित अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें फूल तक छूने या भूमि पूजन की रस्म में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई।
विधायक के मुताबिक, मंदिर के जीर्णोद्धार से पहले आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचने पर पूजा की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। उनका आरोप है कि उनके साथ उनकी जाति के आधार पर अलग व्यवहार किया गया। उन्होंने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर किसी जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम लोगों के साथ भी ऐसा होने की आशंका है।
जय देवी कौशल ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से करीब एक करोड़ रुपये की राशि मंजूर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, मंदिर से जुड़ी संस्था हिंदू जन सेवा समिति ने विधायक के आरोपों को खारिज किया है। संस्था का कहना है कि कार्यक्रम में किसी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया। इस मामले को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है और घटना ने उत्तर प्रदेश में सामाजिक समानता और धार्मिक आयोजनों में भेदभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
