समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। आयकर विभाग ने ट्रस्ट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके कर संबंधी पंजीकरण को निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद ट्रस्ट को मिलने वाली कर छूट पर भी असर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि वित्तीय लेनदेन, कर नियमों के पालन और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए थे। इन्हीं मामलों को आधार बनाकर विभाग ने कार्रवाई की है। मामले में ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं और उनसे जवाब मांगा गया है।
जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्थानों और गतिविधियों पर इस फैसले का प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं ट्रस्ट से जुड़े लोग इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों से ट्रस्ट और उससे जुड़े मामलों की विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है। अब आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
फिलहाल संबंधित पक्षों की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है, जबकि विभाग का कहना है कि कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर की गई है।

