समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ता पक्ष संविधान में बदलाव की मंशा रखता है। उन्होंने दावा किया कि इसी उद्देश्य को लेकर अन्य दलों के सांसदों को अपने पक्ष में करने की कोशिशें की जा रही हैं।
एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान की रक्षा करना सभी विपक्षी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष को कमजोर करने और अपने पक्ष में संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसके मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं होगा। इसी वजह से विपक्षी दलों को एकजुट होकर जनता के बीच अपनी बात रखनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों को लेकर भी विपक्षी एकता पर जोर दिया और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को साथ आना होगा। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं। वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है।

