बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभाग में तैनात एक लिपिक को उसके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और लोगों के बीच हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि लिपिक पर एक व्यक्ति से काम कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने पूरे मामले की जांच की और योजना बनाकर कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत में ली गई रकम भी बरामद की गई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही विभाग के अन्य अधिकारियों में भी हलचल मच गई।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं। साथ ही उसके अन्य कार्यों और लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
