श्रीकृष्ण जन्मस्थान और ईदगाह प्रकरण को लेकर मनीष यादव द्वारा सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में दायर वाद में मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत में मनीष यादव की ओर से अधिवक्ता सरजीत व देवकीनंदन शर्मा ने अपना पक्ष रखा। मनीष यादव के अधिवक्ता ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट को बताया कि औरंगजेब ने मदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया था। वादी पक्ष ने करीब डेढ़ घंटा अदालत में अपना पक्ष रखा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। 

अधिवक्ता ने अदालत को अयोध्या मंदिर प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा द्वारा दिए गए निर्णय से अवगत कराया। अदालत को बताया गया है कि अगर कोई मंदिर तोड़कर मस्जिद बना लेता है, तो वह जगह उसकी नहीं हो जाती है। इस दौरान पक्षकार मनीष यादव के अधिवक्ता सरजीत, अधिवक्ता देवकीनंदन शर्मा अदालत में मौजूद रहे। अधिवक्ता देवकीनंदन शर्मा ने बताया कि अभी उनकी ओर से अदालत में बहस जारी है। 

ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव व अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत में हमारी और से पूर्व में जो बहस की गई थी, वादी पक्ष ने उसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वादी पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।

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