उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से जुड़े जौहर यूनिवर्सिटी मामले में 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर होने वाली सुनवाई टाल दी गई है। अदालत में इस मामले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन निर्धारित समय पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होने की बात सामने आई है।
मामला जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 38 इमारतों से जुड़ा है, जिनके संबंध में प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दाखिल की गई है। याचिका के माध्यम से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने और प्रशासन के आदेश की समीक्षा करने की मांग की गई है।
सुनवाई टलने के बाद फिलहाल इन इमारतों को लेकर स्थिति जस की तस बनी हुई है। अगली सुनवाई में अदालत याचिकाकर्ता और संबंधित पक्षों की दलीलें सुन सकती है। इसके बाद ध्वस्तीकरण के आदेश को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह मामला पहले से ही कानूनी और राजनीतिक रूप से चर्चा में रहा है। 38 इमारतों पर कार्रवाई के आदेश के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया है और अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर बनी हुई है। अदालत के अगले आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या इस पर कोई राहत मिलती है।
