लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर छह पीसीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर शासन स्तर पर मंथन जारी है।
जांच के दौरान भवनों की सुरक्षा व्यवस्था, निरीक्षण प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण सुरक्षा संबंधी कमियां बनी रहीं, जिसने हादसे के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन को भेजी गई रिपोर्टों और जांच निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
हादसे के बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इसी के तहत पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।
इस घटना के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
