कानपुर में बेहतर प्रदर्शन की चाह अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। डॉक्टरों के मुताबिक, बड़ी संख्या में युवक बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसे इंजेक्शन लगवा रहे हैं जिन्हें वे अपनी क्षमता बढ़ाने का आसान तरीका समझते हैं। हालांकि कुछ समय के लिए इसका असर दिखाई देता है, लेकिन बाद में इसके गंभीर दुष्प्रभाव सामने आने लगते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हालत यह है कि हैलट और उर्सला अस्पताल की ओपीडी में इस तरह की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या पहले की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है। मरीज कमजोरी, थकान, हार्मोन संबंधी गड़बड़ियों और अन्य शारीरिक परेशानियों की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, कई लोग तनाव, काम के दबाव और बेहतर प्रदर्शन की चाह में बिना विशेषज्ञ सलाह के इंजेक्शन का सहारा ले रहे हैं। शुरुआत में उन्हें इसका फायदा महसूस होता है, लेकिन लगातार इस्तेमाल शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
चिकित्सकों ने लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या दूसरों की सलाह पर किसी भी प्रकार का इंजेक्शन या दवा लेना खतरनाक हो सकता है। उनका कहना है कि ऐसी आदतें भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी सेहत और बेहतर प्रदर्शन का कोई शॉर्टकट नहीं होता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली ही शरीर को फिट रखने का सबसे सुरक्षित तरीका है। वहीं डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी दवा या इंजेक्शन का इस्तेमाल केवल योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही करें।
