चीनी मांझे पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला: हाईकोर्ट को बताया- जल्द आएगा सख्त कानून, पीड़ितों को मिलेगा मुआवजाचीनी मांझे पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला: हाईकोर्ट को बताया- जल्द आएगा सख्त कानून, पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कांच के कणों से युक्त और जानलेवा चीनी मांझे (चाइनीज मांझा) के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक बेहद सख्त कानून लाने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ को सूचित किया है कि इस प्रस्तावित नए कानून में चीनी मांझे से दुर्घटना के शिकार होने वाले पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा देने का विशेष प्रावधान भी शामिल किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, इस नए कानून का नाम ‘उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम’ रखा जा सकता है।

पुलिस एक्ट में भी संशोधन की तैयारी

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपनी कार्ययोजना पेश की:

  • संशोधन पर विचार: सरकार ने कोर्ट को बताया कि चीनी मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस अधिनियम (Police Act) में आवश्यक संशोधन करने पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।
  • हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: राज्य सरकार की इन दलीलों को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इस प्रस्तावित कानून से जुड़े विचार-विमर्श और विधायी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और अगली सुनवाई से पहले इसे एक ठोस और अंतिम रूप दिया जाए।
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व्यापारियों के उत्पीड़न पर कोर्ट का रुख

इससे पहले 11 मई को हुई सुनवाई के दौरान पारंपरिक पतंग और सामान्य धागा (सददी) बेचने वाले व्यापारियों की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर की गई थी। उनके अधिवक्ता एसएमएच रिजवी ने आरोप लगाया था कि चीनी मांझे के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस अभियान की आड़ में आम और निर्दोष व्यापारियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।

इस पर हाईकोर्ट ने संतुलन बनाते हुए राज्य सरकार और प्रशासन को दो टूक निर्देश दिए:

  • सटीक कार्रवाई: प्रशासन केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जो वास्तव में अवैध और प्रतिबंधित चीनी मांझे की गतिविधियों में शामिल हैं।
  • व्यापारियों को सहयोग की हिदायत: इसके साथ ही अदालत ने साफ किया कि पतंग और उससे संबंधित सामग्री बेचने वाले सभी दुकानदारों को दुकानों के औचक निरीक्षण और जांच प्रक्रिया में पुलिस व प्रशासन का पूरा सहयोग करना होगा।

प्रत्येक शहर में ‘पतंगबाजी जोन’ चिह्नित करने के आदेश

हाईकोर्ट ने अवैध मांझे की कड़ाई से निगरानी के लिए एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया है:

  • हॉटस्पॉट की पहचान: अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि राज्य के हर शहर में उन विशिष्ट इलाकों या क्षेत्रों को चिह्नित (Map) किया जाए, जहां बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है।
  • निगरानी होगी आसान: कोर्ट का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में ही चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इन हॉटस्पॉट्स की पहचान होने से पुलिस के लिए निगरानी रखना और अवैध भंडारण को पकड़ना बेहद आसान हो जाएगा।

जीवन का अधिकार: खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि चीनी मांझे से लगातार हो रही लोगों और पक्षियों की मौत का यह गंभीर मुद्दा सीधे तौर पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) से जुड़ा हुआ है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 जुलाई को तय की गई है।

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