मथुरा के वृंदावन स्थित चैतन्य विहार कॉलोनी में 16 फरवरी को वृद्ध की हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बताया कि मालिक उसकी पत्नी पर गलत नजर रखता था। उसे समझाया भी था लेकिन नहीं माना। इसलिए, मार दिया। दोनों को एक महीने पहले ही घर में नौकरी पर रखा गया था। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई स्कूटी और नगदी बरामद कर ली है।
एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि 16 फरवरी की रात चैतन्य विहार कॉलोनी निवासी राधेश्याम अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। अलमारी में रखी नगदी और घर की स्कूटी गायब थी। मामले में नाती कृष्णा अग्रवाल ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस फॉरेंसिक टीम की मदद से घटना की जांच कर रही थी। हत्या के बाद से घर के कामकाज के लिए नौकरी पर रखा गया सोनू रैकवार और उसकी पत्नी गंगा उर्फ गायत्री निवासी नोहटा गांव, थाना नोहटा, जिला दमोह (मध्य प्रदेश) फरार थे।
नगदी और स्कूटी लेकर दोनों फरार हो गए
बताया कि पूछताछ में सोनू ने बताया कि राधेश्याम उसकी पत्नी पर गलत नजर रखता था। इसके लिए उसने राधेश्याम को पहले समझाया था। लेकिन, वह नहीं माना। इसी को लेकर रोटी बनाने वाले तवा से उसके सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे पचास हजार रुपये और स्कूटी लेकर दोनों फरार हो गए।
घरेलू कामकाज के लिए नौकरी पर रखा था
बताया कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए फरीदाबाद, राजस्थान और मध्य प्रदेश में दबिश दे रही थी। रविवार की रात सोनू और गंगा को पकड़ने में पुलिस सफल रही। बताया कि सोनू व उसकी पत्नी को घरेलू कामकाज के लिए नौकरी पर रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 हजार पांच सौ रुपये और स्कूटी बरामद की है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल (तवा) भी बरामद कर लिया है।
