मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान और ईदगाह प्रकरण को लेकर हिन्दू पक्ष की ओर से लखनऊ के अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह द्वारा सीपीसी 92 के तहत दिए  प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एडीजे संजय चौधरी ने एक हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने शैलेन्द्र सिंह को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। वादी की ओर से अदालत में तबीयत खराब होने का प्रार्थना पत्र देते हुए सुनवाई के लिए समय देने की मांग की थी। इससे पूर्व भी अदालत वादी पर दो बार और हर्जाना लगा चुकी है। 

श्रीकृष्ण जन्मस्थान और ईदगाह प्रकरण को लेकर जितने भी वाद चल रहे हैं उन सभी को एक कर शीघ्र सुनवाई किए जाने के लिए लखनऊ के अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने 92 सीपीसी के तहत जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर एडीजे सप्तम संजय चौधरी की अदालत में सुनवाई चल रही है।

सोमवार को इस पर सुनवाई होनी थी। सुनवाई से पूर्व शैलेन्द्र सिंह की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें कहा गया कि उनकी और उनके अधिवक्ता की तबियत खराब होने के कारण सुनवाई के लिए समय दिया जाए। 

शाही मस्जिद ईदगाह इंतजामिया कमेंटी के सचिव व अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि वादी पक्ष अदालत में बहस से बचने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। वह हर बार कोई नया बहाना कर अदालत से समय मांगते हैं। सोमवार को भी सुनवाई से बचते हुए वादी की ओर से अदालत में तबीयत खराब होने का प्रार्थना पत्र दिया गया।

इस पर अदालत ने वादी पक्ष पर एक हजार रुपये का हर्जाना लगाते हुए उन्हें अंतिम अवसर प्रदान किया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि अदालत इससे पूर्व भी वादी पर 500 और 200 रूपये का जुर्माना लगा चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *