नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान को यह कहते हुए दिखाया गया है कि बांग्लादेश द्वारा जेएफ-17 लड़ाकू विमान खरीदना भारत के लिए चिंता का विषय है। यह दावा बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच संभावित रक्षा समझौते की खबरों के बीच किया जा रहा है। अब इस वीडियो का फैक्ट चेक प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने किया है और इसे फर्जी बताया है।
वायरल वीडियो में एक यूजर द्वारा एआई से तैयार किया गया फेक क्लिप शेयर किया गया, जिसमें जनरल अनिल चौहान को यह कहते हुए दिखाया गया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ते रक्षा संबंध भारत के लिए गंभीर भू-राजनीतिक असर डाल सकते हैं। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि बांग्लादेश का पाकिस्तान से जेएफ-17 लड़ाकू विमान खरीदना पूर्वी क्षेत्र में संतुलन को बिगाड़ देगा और भारत के लिए चिंता का विषय है।
PIB ने इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए उसके की-फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए जांचा। जांच के दौरान पीटीआई न्यूज एजेंसी के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर 7 जनवरी 2026 को पोस्ट की गई असली क्लिप्स मिलीं। इन असली वीडियो में जनरल अनिल चौहान बांग्लादेश या जेएफ-17 विमान को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे थे।
असल में, उस कार्यक्रम में CDS जनरल अनिल चौहान दिवंगत लेफ्टिनेंट जनरल एस. के. सिन्हा को श्रद्धांजलि दे रहे थे। उन्होंने कहा था कि वे लेफ्टिनेंट जनरल एस. के. सिन्हा के जन्मदिवस पर भारत के रणनीतिक चिंतन, राष्ट्र निर्माण और उनकी अमिट विरासत पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने उन्हें एक सम्मानित फील्ड कमांडर, सैन्य विचारक, राजनयिक और राज्यपाल बताया और कहा कि उनकी स्पष्टता, सत्यनिष्ठा और दूरदर्शिता ने पीढ़ियों को प्रभावित किया है।
PIB ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से डीपफेक है और इसमें जनरल अनिल चौहान के शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। PIB के मुताबिक, यह पाकिस्तान से जुड़े दुष्प्रचार अभियानों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य भारत के खिलाफ गलत सूचना फैलाना और भारतीय सशस्त्र बलों में लोगों का भरोसा कमजोर करना है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक और फर्जी वीडियो पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।
