दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस एयरलाइंस हादसे की रिपोर्ट जारी, टेक-ऑफ के दौरान इंजन में हुआ था धमाकादिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस एयरलाइंस हादसे की रिपोर्ट जारी, टेक-ऑफ के दौरान इंजन में हुआ था धमाका

नई दिल्ली: विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने रविवार (31 मई 2026) को स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की उस उड़ान से जुड़ी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है, जिसका पिछले महीने दिल्ली में टेक-ऑफ के दौरान इंजन फेल हो गया था। एएआईबी ने 26 अप्रैल को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर हुई इस खतरनाक घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए “गंभीर घटना” (Serious Incident) की श्रेणी में रखा है। इस हादसे के दौरान विमान में सवार छह लोग घायल हो गए थे। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली से ज्यूरिख जा रही स्विस एयरलाइंस की उड़ान एलएक्स147 रात करीब 1:27 बजे रनवे पर दौड़ रही थी। एयरबस ए330-343 विमान में 232 यात्री और 13 क्रू मेंबर्स सहित कुल 245 लोग सवार थे। जब विमान की गति लगभग 106 नॉट (करीब 196 किमी/घंटा) पहुंची, तभी उसके बाएं (नंबर-1) इंजन में भयंकर खराबी आ गई। पायलटों ने बताया कि उन्हें एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी और बाएं इंजन से आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं। विमान अचानक बाईं ओर मुड़ने लगा था, लेकिन पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए और टेक-ऑफ रद्द कर विमान को रनवे पर ही सुरक्षित रोक लिया। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर पूर्ण आपातकाल घोषित कर राहत कार्यों के लिए सभी सात आपातकालीन द्वार खोल दिए गए थे।

जांचकर्ताओं द्वारा किए गए तकनीकी और दृश्य निरीक्षण में इंजन के भीतर भारी तबाही के संकेत मिले हैं। शुरुआती बोरोस्कोप जांच में सामने आया है कि थ्रस्ट रिवर्सर डक्ट्स में मौजूद हाई-प्रेशर और इंटरमीडिएट-प्रेशर बेयरिंग सपोर्ट के बोल्ट और स्पेसर पूरी तरह टूट चुके थे। इसके अलावा मलबे के कारण हाई-प्रेशर ब्लीड वाल्व आंशिक रूप से ब्लॉक हो गए थे और इंजन के मुख्य हिस्से में मौजूद हाई-प्रेशर टर्बाइन ब्लेड, नोजल गाइड वेन्स, लो-प्रेशर टर्बाइन ब्लेड और हाई-प्रेशर कंप्रेसर ब्लेड को गंभीर नुकसान पहुंचा था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि हाई-प्रेशर शाफ्ट और इंटरमीडिएट-प्रेशर शाफ्ट पूरी तरह जाम हो गए थे, जिसके कारण इंजन का शत-प्रतिशत आंतरिक निरीक्षण भी संभव नहीं हो सका।

एएआईबी ने विमान के सॉलिड स्टेट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (SSFDR) और सॉलिड स्टेट कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (SSCVR) यानी ब्लैक बॉक्स को विस्तृत डेटा डिकोडिंग के लिए निकाल लिया है। इंजन फेल होने के मूल कारणों का पता लगाने के लिए इस जांच में फ्रांस के विमानन सुरक्षा जांच और विश्लेषण ब्यूरो (BEA) के अधिकृत प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। इसके साथ ही विमान निर्माता कंपनी एयरबस (Airbus) और यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) भी बारीकी से डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। ब्यूरो का कहना है कि अंतिम जांच पूरी होने के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर नई वैधानिक सिफारिशें जारी की जा सकती हैं।

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