कानपुर में जाजमऊ आगजनी कांड और फर्जी आधार कार्ड से सपा विधायक इरफान सोलंकी द्वारा हवाई यात्रा करने के दोनों मामलों में शनिवार को कोर्ट में आरोप तय नहीं हो सके। इरफान को महाराजगंज जेल से कड़ी सुरक्षा में कानपुर लाया गया।
इरफान के भाई रिजवान समेत अन्य आरोपी भी कानपुर जेल से कोर्ट लाए गए। लगभग तीन घंटे चली न्यायिक कार्रवाई के बाद सभी को वापस जेल भेज दिया गया। इरफान सोलंकी पुलिस के सख्त पहरे में 12:15 बजे कानपुर कोर्ट पहुंचे।
सबसे पहले एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी की अदालत में ले जाया गया। यहां जाजमऊ आगजनी मामले में आरोप तय होने थे। लगभग आधे घंटे बाद रिजवान को भी कोर्ट लाया गया। मो.शरीफ, शौकत अली व इसराइल भी कोर्ट में पेश हुए।

शौकत की ओर से अधिवक्ता रवींद्र वर्मा ने आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया। जिस पर सुनवाई के बाद फैसले के लिए कोर्ट ने 6 मार्च की तारीख नियत कर दी। इसके चलते शनिवार को मुकदमे में आरोप तय नहीं हो सके। इसके बाद इरफान को एमपीएमएलए लोअर कोर्ट के न्यायाधीश आलोक यादव की अदालत में ले जाया गया।

जहां फर्जी आधार कार्ड से यात्रा मामले में आरोप तय होने थे। यहां भी सपा नेत्री नूरी शौकत, उसके भाई अशरफ और मौसा इशरत की ओर से अधिवक्ता रवींद्र वर्मा ने आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल करने के लिए समय की मांग की।

नूरी के ड्राइवर अम्मार इलाही की ओर से दाखिल आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख नियत कर दी। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इरफान को वापस जेल के लिए रवाना कर दिया गया।

योगी जी के न्याय पर पूरा भरोसा- रिजवान
जाजमऊ आगजनी कांड में आरोपी विधायक इरफान के भाई रिजवान को भी कोर्ट लाया गया था। पेशी से वापस लौटते वक्त रिजवान ने पहली बार मीडिया के सामने मुंह खोला। रिजवान ने योगी जी के न्याय पर भरोसा जताते हुए कहा कि जिस प्लाट पर आगजनी का आरोप लगाया जा रहा है वह हमारा है। हमने केडीए से खरीदा है। 

ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं- इरफान
पेशी पर कोर्ट पहुंचे इरफान ने गरजते अंदाज में कहा कि ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती, वही इंसाफ करेगा। कोर्ट में पेशी के दौरान इरफान की पत्नी व बच्चों ने भी इरफान से मुलाकात की। इरफान के रिश्तेदारों व समर्थकों का भी कोर्ट के बाहर जमावड़ा रहा। मुस्कराते हुए इरफान सभी का अभिवादन स्वीकार करते रहे।

शौकत के खिलाफ नहीं बनता आरोप
जाजमऊ आगजनी कांड में आरोपी शौकत के अधिवक्ता रवींद्र वर्मा ने आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र में कहा कि एफआईआर में शौकत का नाम नहीं है। शौकत न ही विवादित जमीन का मालिक है और न ही उसको विवादित जमीन का कब्जा मिल सकता था, इसलिए आगजनी का कोई आधार नहीं है।

वहीं एडीजीसी भास्कर मिश्रा की ओर से आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा गया कि फाइल में शौकत के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। कई स्वतंत्र गवाह हैं, जिन्होंने शौकत के खिलाफ बयान दिया है इसलिए शौकत पर आरोप तय किए जाने चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 6 मार्च की तारीख नियत कर दी है।

कोर्ट सख्त, अर्जी के लिए नहीं दिया समय
आगजनी कांड में सुनवाई के दौरान शौकत की ओर से आरोप मुक्ति अर्जी देने के लिए समय की मांग पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि इरफान, रिजवान व शरीफ की अर्जी खारिज होने के दौरान अन्य आरोपियों से पूछा गया था, लेकिन किसी ने अर्जी न देने की बात कही थी।

आज फिर अर्जी के लिए समय मांगा जा रहा है। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोपहर तक अर्जी दाखिल कर आज ही बहस करने का आदेश दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों ने अर्जी पर अपनी बहस सुना दी। वहीं आरोपी इसराइल की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में लिखित रूप से दिया कि उन्हें आरोप मुक्ति के लिए अर्जी नहीं देनी है।

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