उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का आयोजन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ। परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, लेकिन करीब 25 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हुए। भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई तथा सभी केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई।

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़ी अफवाहें फैलाने की भी कोशिश की गई। जांच में पता चला कि कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों को गुमराह करने के लिए फर्जी दावे किए और कथित रूप से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे वसूलने का प्रयास किया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और भर्ती बोर्ड ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित माहौल में कराई गई और पेपर लीक की खबरें निराधार थीं। अभ्यर्थियों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।

परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विभिन्न केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। निगरानी के लिए तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। परीक्षा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई

भर्ती बोर्ड का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अफवाह फैलाने वालों और अभ्यर्थियों को ठगने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *