बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीते 10 मई के कर्नाटक दौरे के दौरान सुरक्षा में चूक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से करीब डेढ़ घंटे पहले मार्ग पर मिले एक संदिग्ध कार्टन बॉक्स की फोरेंसिक जांच (FSL) रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, बॉक्स में मिले विस्फोटकों से किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं था।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में पुलिस को लगा था कि इस बॉक्स में केवल दो जिलेटिन स्टिक और एक माचिस की डिब्बी है। हालांकि, बाद में जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की कड़ियां जोड़ीं, तो बॉक्स में मौजूद अन्य सामानों का भी खुलासा हुआ।
FSL रिपोर्ट की मुख्य बातें:
- 3 साल पुरानी जिलेटिन स्टिक: बॉक्स में रखी गईं जिलेटिन स्टिक करीब तीन साल पुरानी थीं।
- खराब टाइमर और नो डेटोनेटर: बक्से में मिला टाइमर पूरी तरह खराब था और उसमें विस्फोट करने के लिए जरूरी ‘डेटोनेटर’ मौजूद नहीं था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक पुलिस, एनआईए (NIA) और खुफिया ब्यूरो (IB) की टीमों ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के सीमावर्ती जिलों में जांच की थी। हालांकि, पुलिस को इस मामले में अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है।
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हेडलाइन: बेंगलुरु सुरक्षा अलर्ट: पीएम के रूट पर मिले ‘निष्क्रिय’ विस्फोटक, जांच में जुटीं NIA और IB
विशेष रिपोर्ट: 10 मई को बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले के मार्ग पर मिले संदिग्ध बक्से ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया था। काफिले के निकलने से ठीक 90 मिनट पहले एक मुस्तैद कांस्टेबल ने इस बक्से को बरामद किया था, जिससे एक बड़ा हादसा समय रहते टल गया।
हालांकि, फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की हालिया रिपोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों को थोड़ी राहत जरूर दी है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बरामद सामग्री से किसी धमाके का खतरा नहीं था, क्योंकि जिलेटिन स्टिक बेहद पुरानी (लगभग 3 वर्ष) हो चुकी थीं और टाइमर भी काम नहीं कर रहा था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इस पूरे ढांचे में डेटोनेटर गायब था, जिसके बिना विस्फोट होना मुमकिन नहीं है।
मामले की वर्तमान स्थिति: पुलिस के शुरुआती दावों और बाद में NIA द्वारा जुटाई गई जानकारियों में कुछ अंतर पाया गया है, जिसके बाद जांच का दायरा पड़ोसी राज्यों तक फैला दिया गया है। फिलहाल कर्नाटक पुलिस के साथ मिलकर केंद्रीय एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि आखिर यह बॉक्स वहां आया कैसे, हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
