विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने कानपुर देहात में मां-बेटी की जलकर हुई मौत की घटना को मानवता के लिए शर्मसार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कोरे आश्वासनों से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। भाजपा सरकार कांड में जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को भी आरोपित करें। पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये तथा दो सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी संवेदना प्रकट करते समय दिए जाने चाहिए।
पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य सचेतक ने कहा कि इस अमानवीय घटना में लेखपाल, गरीब ड्राइवर और पुलिस के छोटे कर्मचारियों को एफआईआर में नामित किया गया है। क्या बुलडोजर चालक स्वयं कुछ कर सकता है? वहां एसडीएम और दूसरे अधिकारी थे, जिनके सामने अमानवीय कृत्य हुआ। भाजपा का बुलडोजर गरीबों के लिए काल बन गया है। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का प्रतिनिधि मंडल मौके पर जा रहा था, लेकिन उसे रास्ते में रोक दिया गया। प्रशासन घटना को छुपाने में लगा है।
विधायक अमिताभ वाजपेयी को नजरबंद किया गया। कानपुर देहात की तरह और भी घटनाएं घट चुकी है। थोड़े दिन पहले बलवंत सिंह की कानपुर पुलिस हिरासत में मौत हुई। कन्नौज में अरुण शाक्य की हत्या की गई। बाराबंकी में तीरथ पाल की बुलडोजर कार्रवाई के दौरान सदमे से मौत हुई। ललितपुर में एक दलित युवक मारा गया। रायबरेली में रोहित पासी को मजदूरी मांगने पर मारा गया। गाजियाबाद में ऑटो ड्राइवर की पुलिस पिटाई से मौत हुई। इन सभी घटनाओं की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि जैसे इरफान सोलंकी पर कार्रवाई हुई थी? वैसी ही कानपुर देहात की डीएम पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
