न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने वाले एक युवक को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास होगा। इस युवक ने संतान न होने के कारण अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या की थी और वह दूसरी शादी करना चाहता था।

हाथरस जंक्शन क्षेत्रांतर्गत 30 जून 2014 को लढ़ावली की कच्ची सड़क पर एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके उपरांत दो जुलाई 2014 को सियाराम निवासी वीला थाना पिलुआ जिला एटा ने एक प्रार्थना पत्र हाथरस जंक्शन थाने में दिया। इसमें उसने कहा कि उसने अपनी बेटी नगीना की शादी छह साल पहले बंटी उर्फ सुघड़ सिंह पुत्र मोहनलाल निवासी गांव खेड़िया कला थाना हसायन के साथ की थी। शादी के बाद उसकी बेटी के कोई संतान नहीं हुई। इस पर दामाद बंटी उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी देता था और यह कहता था कि वह दूसरी शादी कर लेगा।

सियाराम ने आरोप लगाया कि बंटी ने 30 जून 2014 को उसकी बेटी की घर से लढ़ावली रोड जलेसर रोड पर लाकर गोली मारकर हत्या कर दी है। अब जब उसने अखबार में अपनी बेटी का फोटो देखा है तो उसने अपनी बेटी की पहचान की है। उसने आरोप लगाया कि उसकी बेटी नगीना की हत्या उसके दामाद बंटी ने की थी। पुलिस ने इस मुकदमे में विवेचना शुरू की और आरोपी बंटी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। 

इस मामले में विवेचनाधिकारी ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी बंटी को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राजपाल सिंह दिशवार व एडीजीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने पैरवी की।

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