मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा-शिवसेना की महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलने के साथ ही एक बार फिर ‘होटल पॉलिटिक्स’ चर्चा में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के एक होटल में ठहराया है। इसे बीएमसी में मेयर पद को लेकर चल रही रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। देश के सबसे अमीर नगर निगम में सत्ता की भूमिका को लेकर राजनीतिक खींचतान होना स्वाभाविक माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना बीएमसी में मेयर पद की दावेदारी कर सकती है। पार्टी इस मांग को अपने संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशताब्दी से जोड़कर देख रही है। 23 जनवरी को बाल ठाकरे की 100वीं जयंती है और शिवसेना इसे उनके प्रति सम्मान के रूप में पेश करना चाहती है। अविभाजित शिवसेना लंबे समय तक बीएमसी पर काबिज रही थी, लेकिन 2022 में पार्टी टूटने के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गए।
बीएमसी चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिंदे शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। इस तरह महायुति बीएमसी में सबसे बड़ा गठबंधन बन गई है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा और कुल 65 सीटें हासिल कीं। कांग्रेस को 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वोट शेयर के लिहाज से भी भाजपा 45.22 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही।
हालांकि, मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला अभी टलता नजर आ रहा है। नगर निगमों में मेयर पद के लिए आरक्षण की स्थिति फिलहाल साफ नहीं है। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर अहम टिप्पणी की थी और कई नगर निकायों में 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण पर सवाल उठाए गए थे। इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होनी है, जिससे मेयर पद के चयन पर असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि मेयर पद को लेकर कोई विवाद नहीं है और फैसला सामूहिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय वे खुद, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पार्टी के वरिष्ठ नेता मिलकर करेंगे। हालांकि, फडणवीस विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने के लिए दावोस रवाना हो रहे हैं और 24 जनवरी के बाद ही मुंबई लौटेंगे, जिसके बाद इस मुद्दे पर ठोस बातचीत संभव है।
बीएमसी चुनावों के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति की मजबूती दिखाते हैं। होटल पॉलिटिक्स और मेयर पद की खींचतान यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में मुंबई की सियासत और भी गर्म हो सकती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि महायुति 29 में से 25 नगर निगमों में मेयर बनाने की दिशा में काम करेगी।
