नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर एक अहम बैठक की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी को मजबूत करने और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में नेताओं को खुलकर अपनी बात रखने का मौका दिया गया और सभी ने पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताया।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि पहले तमिलनाडु के नेताओं के साथ सामूहिक बैठक हुई और फिर अलग-अलग बातचीत की गई। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में पार्टी को मजबूत करना और आगे की रणनीति तय करना था। उन्होंने कहा कि नेताओं ने धैर्यपूर्वक सभी की बातें सुनीं और अपने विचार खुलकर रखे।
बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी का भविष्य और चुनावी रणनीति से जुड़े बड़े फैसले कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ही लेंगे। वेणुगोपाल ने कहा, “पार्टी हाईकमान, कांग्रेस की विचारधारा और तमिलनाडु के लोगों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उचित समय पर सही फैसला लेगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी नेताओं को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि इन मामलों पर सोशल मीडिया या किसी भी मंच पर बयानबाजी न करें और अटकलों से बचें। पार्टी लाइन के अनुसार एकजुट होकर बोलने की सलाह दी गई है।
पुडुचेरी को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जानकारी दी कि 21 तारीख से पूरे राज्य में पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसमें पार्टी नेतृत्व भी शामिल होगा। इसका उद्देश्य आम लोगों से सीधे जुड़ना और कांग्रेस की नीतियों को उन तक पहुंचाना है। पार्टी इस कदम के जरिए पुडुचेरी में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है।
जब तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर सवाल किया गया, तो के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक में लगभग 40-41 नेता शामिल हुए थे और सभी को अपनी बात रखने का मौका मिला। करीब साढ़े तीन घंटे तक केंद्रीय नेतृत्व ने तमिलनाडु के नेताओं से सामूहिक और व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। अलग-अलग विचार सामने आए, जिन्हें ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि पूरी बैठक ने कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी को इन मुद्दों पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार दिया है और आज हुई चर्चा भविष्य के फैसलों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी।
