नई दिल्ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें उन्होंने हिजाब पहनने वाली महिला के एक दिन प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी। इस मुद्दे पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने करारा पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना फिलहाल सपना ही रहने वाला है। पहले ओवैसी अपनी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी हिजाब पहनने वाली महिला को बनाकर दिखाएं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में महिलाएं प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति रह चुकी हैं, लेकिन उनमें से कितनी महिलाओं को बुर्का पहने देखा गया है, यह एक बड़ा सवाल है।

बेगम खालिदा जिया और शेख हसीना का दिया उदाहरण

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश में बेगम खालिदा जिया और शेख हसीना दोनों प्रधानमंत्री रह चुकी हैं, लेकिन वे आमतौर पर बुर्के में नजर नहीं आईं। इसी तरह पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और इंडोनेशिया की पूर्व प्रधानमंत्री मेघावती सुकर्णोपुत्री का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन उदाहरणों से ओवैसी के बयान की वास्तविकता पर सवाल खड़े होते हैं।

ओवैसी मुस्लिम परंपरा को लेकर अपना नजरिया स्पष्ट करें

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि ओवैसी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुस्लिम परंपरा को लेकर उनका नजरिया पैगंबर मोहम्मद के वंश से कैसे मेल खाता है। उन्होंने सऊदी अरब और जॉर्डन के शाही परिवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इस तरह की परंपराएं नहीं दिखतीं, फिर भारत में इस मुद्दे पर राजनीति क्यों की जा रही है।

“प्रधानमंत्री बनने का सपना सपना ही रहेगा”

भाजपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना फिलहाल सपना ही रहने वाला है। उन्होंने चुनौती दी कि पहले अपनी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी हिजाब पहनने वाली महिला को बनाकर दिखाएं, तब यह समझ आएगा कि ओवैसी की बातों में कितनी सच्चाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी की राजनीति में मुस्लिम महिलाओं के प्रति वास्तविक संवेदना कम और राजनीतिक स्वार्थ ज्यादा नजर आता है।

अखिलेश यादव के SIR बयान पर भी प्रतिक्रिया

इस दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने अखिलेश यादव के एसआईआर (SIR) विरोधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की स्थिति बेहद उलझी हुई है। कभी कहा जाता है कि भाजपा के वोट कट रहे हैं, कभी कहा जाता है कि विपक्ष के वोट कट रहे हैं, और अब कहा जा रहा है कि एसआईआर वोट जोड़ने का काम कर रहा है।

विपक्ष पर हमला

उन्होंने कहा कि एक दिन विपक्ष दावा करता है कि उनके कार्यकर्ताओं ने अपने वोट सुरक्षित कर लिए हैं और अगले दिन आरोप लगाया जाता है कि भाजपा अपने वोट पक्के कर रही है। सच्चाई यह है कि न किसी के वोट कट रहे हैं और न ही किसी के वोट जुड़ रहे हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संवैधानिक है और तकनीकी व व्यावसायिक दक्षता के साथ पूरी की जा रही है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति “पलभर में तोला, पलभर में माशा” जैसी हो गई है। साथ ही उन्होंने अपील की कि विपक्ष भ्रम फैलाने के बजाय इस प्रक्रिया में गंभीरता से सहयोग करे।

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